स्वामी विवेकानंद का जीवन युवाओं के लिए आदर्श- आईपीएस लांबा

जयपुर। अतिरिक्त आयुक्त, पुलिस आयुक्तालय अजय पाल लांबा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन युवाओं के लिए आदर्श है तथा वे उनमें बचपन को भी प्रभावित करने वाले महापुरूष थे। उन्होंने कहा कि जिस भी संस्था में कार्य करे वहां अपने बेहतरीन कार्यों एवं योगदान से संस्था का विकास करें। जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में किसी भी बाधा से नहीं घबराए। लांबा गुरूवार को रामकृष्ण मिशन परिसर में राष्ट्रीय युवा दिवस पर रामकृष्ण मिशन जयपुर एवं डेल्फिक काउंसिल ऑफ राजस्थान के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि विवेकानंद के व्यक्तित्व पर विश्व में सर्वाधिक लिखा एवं पढ़ा गया है। उन्होंने शिकागो के धर्म सम्मेलन के दौरान स्वामी विवेकानंद की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में जेन्टलमेन को उसके चरित्र एवं गुण से  जाना जाता है ना कि उसके कपड़ो के पहनावे से। उन्होंने कहा कि विवेकानंद का मानना था कि सकारात्मक सोच एवं समाधान की तरफ ध्यान देना चाहिए।

 अतिरिक्त आयुक्त लांबा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद कहा करते थे कि गीता पढ़ने की बजाय फुटबाल खेला जाए अर्थात वे शारीरिक  रूप से स्वस्थ शरीर पर बल देते थे। उन्होंने युवाओं से कहा कि शारीरिक फिटनेस को दिनचर्या का हिस्सा बनाए। उन्होंने कहा कि भारत में सोशल मीडिया पर स्क्रीनिंग टाईम औसतन 5.15 घंटे है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के एक संदेश को भी जीवन में उतारेंगे, तो जीवन सार्थक होगा।

प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता एवं डेल्फिक काउंसिल ऑफ राजस्थान की अध्यक्ष श्रेया गुहा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन सभी को प्रेरणा देता है। उन्होंने अपने छोटे जीवन काल में कई लोगों का जीवन परिवर्तित किया और आज भी प्रेरणास़्त्रोत है। उन्होंने डेल्फिक काउंसिल ऑफ राजस्थान के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह काउंसिल युवाओं के साथ कार्य कर रही है तथा कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में 9 से 12 फरवरी तक स्टेट डेल्फिक खेलों का आयोजन कर रही है। उन्होंने युवाओं को श्रेष्ठ जीवन की ओर बढ़ने का संदेश दिया।

 रामकृष्ण मिशन, जयपुर के मिशन प्रमुख स्वामी देव प्रभानंद ने कहा कि युवा स्वामी विवेकानंद के हजारों संदेशों के बजाय एक भाव को जीवन में उतारे। सकारात्मक सोच से आत्म विश्वास जागृत होता है। उन्होंने कहा कि युवा चरित्रवान बनें। यदि आप शारीरिक रूप से स्वस्थ है तो भौतिक रूप से स्वस्थ होंगे। उन्होंने कहा कि आत्म विश्वास, चरित्र एवं भारत के प्राण आध्यात्मिकता पर विश्वास कर आगे बढ़ें। रामकृष्ण मिशन, जयपुर के अध्यक्ष डॉ. आर.के. मधोक ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

  इससे पहले अतिथियों ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। रामकृष्ण मिशन एवं डेल्फिक काउंसिल ऑफ राजस्थान की ओर से अतिथियों का शॉल एवं पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वामी विवेकानंद पर आयोजित वाद-विवाद एवं भाषण सहित अन्य प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में रजिस्ट्रार सहकारिता श्री मेघराज सिंह रतनू, रामकृष्ण मिशन के संत गण, डेल्फिक काउंसिल ऑफ राजस्थान के सदस्य गण, युवा एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 

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