RAS बनने का ऐसा जुनून की 17 साल में 7 बार दे डाली परीक्षा, आखिकार मिल ही गई सफलता

किसी काम मे असफल होने पर गांव के बड़े बुजुर्ग हमेशा उस चींटी का उदाहरण देते थे जो कई बार गिरने के बाद भी अपनी मंजिल को प्राप्त कर ही लेती थी. कुछ ऐसी ही कहानी लगती है डॉ गोरधनलाल शर्मा की. किसी फिल्मी कहानी सी लगने वाली गोवधन लाल शर्मा की कहानी युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन चुकी है. शिखर पर पहुंचने की इस कड़ी में आज हम बात करने जा रहे हैं RAS डॉ गोरधनलाल शर्मा की. जिन्होंने 17 साल तक अपना सपना पूरा करने के लिए RAS की परीक्षा दी और अपने 7वे प्रयास में सफलता प्राप्त कर ही ली.

बचपन से ही देखा प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना

राजस्थान के अलवर जिले के सोखर गांव में रहने वाले सूरजमल शर्मा व शांति देवी शर्मा के घर में 15 जुलाई 1970 को बेटे का जन्म हुआ. परिवार ने बड़े ही प्यार से इस बच्चे को नाम दिया गोरधनलाल. पढ़ाई में अव्वल रहने वाले गोरधन लाल ने बचपन से प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना देखा था. और अपने सपने को मानो पूरा करने का जुनून भी पाल लिया. 25 साल की उम्र में गोरधनलाल ने प्रशासनिक अधिकारी बनने के अपने अपने सपने को पूरा करने के सफर पर निकल पड़े. लेकिन उनकी राह आसान नहीं थी. 17 साल तक संघर्ष के साथ ही गरीबी और तमाम तरह की बाधाओं का सामना इस सफर में करना पड़ा.

आखिरकार 42 साल की उम्र में सपना हुआ साकार, हर बार पहुंचे साक्षात्कार तक

25 साल की उम्र में प्रशासनिक अधिकारी बनने की राह पर निकले गोवर्धन लाल शर्मा अपना सपना पूरा करने में पूरे 17 साल लग गए. 17 सालों तक अपना सपना पूरा करने के लिए जूझते रहे. 17 सालों में 7 बार RAS भर्ती परीक्षा दी और हर बार साक्षात्कार तक की दहलीज पर कदम रखा, 1995 से वर्ष 2012 तक सात बार राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) की परीक्षा दी. लेकिन हर बार डॉ गोरधनलाल शर्मा अधीनस्थ सेवाओं के लिए ही चुने गए. मजबूरियों के चलते डॉ गोरधनलाल लाल शर्मा ने अधीनस्थ सेवाओं में नौकरी तो कर ली. लेकिन सीधे RAS की कसक कहीं ना कहीं उनके मन में जरूर थी.राजस्थान आबकारी सेवा व राजस्थान वाणिज्य कर सेवा सहित अन्य सेवाओं रहते हुए डॉ. गोरधनलाल शर्मा लगातार आरएएस परीक्षा देते रहे. आखिरकार साल 2012 में वे 7वीं बार साक्षात्कार में पहुंचे और सीधे आरएएस के रूप में चयनित होकर अपना सपना पूरा कर लिया. लेकिन RAS बनने की खुशी के साथ ही गोरधनलाल शर्मा को एक बड़ा दुख ये था कि सफलता के लिए हमेशा प्रोत्साहित करने वाले पिता इस खुशी को में शामिल होने के लिए उनके साथ नहीं थे.

5 विषयों में स्नाकोत्तर की उपाधि प्राप्त कर चुके हैं डॉ गोरधनलाल शर्मा

डॉ. गोरधनलाल शर्मा समाजशास्त्री, कानूनविद्, लेखक, काउंसलर, मोटिवेशनल गुरु एवं प्रशासक के रूप में बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं. डॉ गोरधनलाल शर्मा समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, राजनीतिशास्त्र, मानव अधिकार एवं विधि में स्नाकोत्तर की उपाधि प्राप्त की. समाजशास्त्र में उन्होंने नेट स्लेट एवं पीएचडी की. इसके साथ ही डॉ गोरधनलाल शर्मा के 50 से अधिक लेख एवं शोध पत्र विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय जर्नल तथा पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं. इसके साथ ही डॉ गोरधनलाल शर्मा सामाजिक मुद्दों एवं अन्य विभिन्न विषयों पर आयोजित दो दर्जन से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सेमिनारों में शोध-पत्रों का वाचन कर चुके हैं. डॉ. गोरधनलाल शर्मा स्वीडन, डेनमार्क, नार्वे, फिनलैंड एवं नेपाल की यात्राएं भी कर चुके हैं.

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