तीन सत्रों की पदोन्नति पर रार, नये सेवा नियम बन रहे पदोन्नति की राह में रोड़ा

नए शिक्षा नियमों में संशोधन के कारण रुकी वरिष्ठ अध्यापकों की पदोन्नति, पदोन्नति रूकने के साथ ही स्कूलों में व्याख्याताओं के हजारों पद रिक्त होते चले जा रहे हैं. सरकार की ओर से हर 6 महीने में पदोन्नति का दावा किया जाता है. लेकिन अगर पिछले ती सत्रों की बात की जाए तो वरिष्ठ अध्यापक से स्कूल व्याख्याता के पदों पर पदोन्नति अटकी हुई है. जिसकी वजह है सरकार की ओर से किए गए सेवा नियमों में संशोधन, जिसकी वजह से वर्तमान में स्कूलों में करीब 27 हजार स्कूली व्याख्याताओं के पद रिक्त हो चुके हैं.

क्या है पदोन्नति सेवा नियम संशोधन

यहां हम बात करने जा रहे हैं सरकार द्वारा पदोन्नति में जो नये सेवा नियमों में संशोधन किया गया. 3 अगस्त 2021 को सरकार की ओर से स्कूल व्याख्याताओं के पदों पर होने वाली पदोन्नति में नया सेवा नियम लागू किया गया. जिसके तहत यूजी-पीजी समान विषय होने पर वरिष्ठ अध्यापकों की पदोन्नति स्कूल व्याख्याता पदों पर की जाए. लेकिन सरकार द्वारा इस सेवा नियमों में किए गए संशोधन का भारी विरोध देखने को मिला

इसके बाद दो बार निकाले जा चुके संशोधन पत्र

इन सेवा नियमों का वरिष्ठ अध्यापकों द्वारा जबरदस्त विरोध देखने को मिला. जिसके बाद सरकार की ओर से पत्र जारी करते हुए 26 मई 2022 को फैसला लिया गया कि पूर्व प्रचलित व्यवस्था के अनुसार 3 अगस्त 2021 से पूर्व अधिस्नातक चुके अथवा अधिस्नातक हेतु प्रवेश ले चुके वरिष्ठ अध्यापकों को छूट प्रदान कर दी जाए. इसके बाद राजस्थान सरकार शिक्षा ग्रुप 2 ने एक पत्र जारी करते हुए स्वीकार किया कि जल्द वरिष्ठ अध्यापकों को 26 मई 2022 के पत्र के हिसाब से छूट दी जाएगी. 

क्या है वर्तमान में खाली पदों के हालात

वर्तमान में अगर सरकारी स्कूलों में बात की जाए तो व्याख्याता के कुल 54 हजार 277 पद स्वीकृत हैं. इनमें से 15 हजार 994 पद लम्बे समय से रिक्त चल रहे हैं. वहीं 10 हजार 998 व्याख्याताओं को वाइस प्रिंसिपल के पदों पर पदोन्नत कर दिया गया है. जिसके बाद स्कूलों में 26 हजार 992 व्याख्याता के पद रिक्त हो चुके हैं. इसके साथ ही पिछले कुछ समय में करीब 3 हजार 200 माध्यमिक स्कूलों को  उच्च माध्यमिक स्कूलों में क्रमोन्नत किया गया है. जिसके स्कूल व्याख्याता के 11 हजार 500 और पदों को सरकार की स्वीकृति जल्द मिलने की संभावना है. ऐसे में आने वाले समय में रिक्त व्याख्याता पदों की संख्या 38 हजार 500 तक पहुंचने की संभावना है.

ऐसे निकल सकता है रास्ता !

आने वाले समय में रिक्त पद और स्वीकृत होने वाले पदों की अगर बात की जाए तो इन पदों की संख्या 38 हजार 500 तक पहुंचने की संभावना है. ऐसे में स्कूलों में व्याख्याताओं के पद पढ़ाई को बाधित करते हुए नजर आ सकते हैं. लेकिन अगर शिक्षा विभाग बीच का रास्ता अपनाते हुए पदोन्नति की राह खोलती है तो सभी वर्गों को लाभ मिल सकता है. 2021 से व्याख्याता पदों पर पदोन्नत होने वाले वरिष्ठ अध्यापकों की पात्रता की बात की जाए तो वर्तमान में 32 हजार 127 कुल शिक्षक पदोन्नति की पात्रता रखते हैं. जिसमें यूजी-पीजी समान विषय के 20 हजार 103 शिक्षक और यूजी-पीजी असमान विषय के 12 हजार 24 शिक्षक पात्रता रखते हैं. ऐसे में अगर नये सेवा नियमों में संशोधन कर पदोन्नति का लाभ दिया जाता है तो सभी पात्र वरिष्ठ अध्यापकों को पदोन्नति की सौगात दी जा सकती है.

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