किसान सम्मेलन में बोले पायलट, केवल घोषणाएं करके समय निकालें यह ठीक नहीं

जयपुर। पीलीबंगा में आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार कांग्रेस की भी आई है, भाजपा की भी आई है लेकिन हमें यह देखना होगा कि किसान के जीवन को बेहतर करने के लिए हम किस हद तक कामयाब हुए हैं। यह हमें सोचना होगा कि हम किसके लिए राजनीति करते हैं। हम सबको आत्मचिंतन करना होगा। आप लोगों ने हम पर विश्वास किया। आप के विश्वास से जहां हमारे 21 विधायक थे वहां पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई। इस दौरान मंच पर एआईसीसी सचिव कुलदीप इंदौरा, विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा, मुकेश भाकर, पीलीबंगा से कांग्रेस प्रत्याशी रहे विनोद गोठवाल, राज्य जीव जंतु बोर्ड अध्यक्ष सी विश्नोई, NSUI के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यू पुनिया, पूर्व विधायक सुचित्रा आर्य मौजूद रहे।

मेरे दादाजी फौज में हवलदार थे

सचिन पायलट ने किसान सम्मेलन में कहा कि मेरे दादाजी फौज में हवलदार थे । मेरे स्वर्गीय पिताजी पहले एयर फ़ोर्स में थे। में गांव में नहीं रहा। गांव में पैदा नहीं हुआ क्योंकि पिताजी अधिकारी बन गये थे तो हम सब अलग अलग जगह पोस्टिंग में जाते थे लेकिन एक बात जरूर है गाँव में किसान के ऊपर क्या बीत रही है यह हम जानते हैं। अपनी बच्ची के पीले हाथ करने के लिए किसान को कहां कहां भटकना पड़ता है किस किस से उसे उधार लेने पड़ते हैं। किस किस के हाथ जोड़ने पड़ते हैं। उन व्यवस्थाऔ से हम अच्छी तरह से वाकिफ है। राजनीती में हम लोग काम करते है तो उन किसान भाइयों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए संकल्प हम सब को लेना पड़ेगा। हम सिर्फ भाषण दे, घोषणा करें। अपने समय को निकालें, तो जीवन काल में उसका कोई मतलब नहीं है। जब ज़ब मुझे मौका मिला मैंने पूरी कोशिश की किसानों, नौजवानों की उम्मीदों पर खरा उतरें। नौजवानो को ताकत दे इस देश की एक तिहाई नौजवानो की आबादी है। 35 से 40 साल से कम उम्र के लोग है। इनके जीवन को कैसे बेहतर बनाये, उनको रोजगार के साधन कैसे उपलब्ध कराये।

पेपर लीक से मन आहत

इस दौरान पायलट ने कहा कि बच्चे मेहनत करके परीक्षा देते है और पता चलता है कि पेपर आउट हो गया। वो दुखी होते हैं। एक के बाद एक इस तरह की घटनाओं से मन दुखी होता है। सरकार ने कार्रवाई की लेकिन इस तरह की घटनाओं से मन आहत होता है। हमें पुख्ता इंतजाम करना पड़ेगा। लोगो का विश्वास जीतना पड़ेगा की कोई कितना भी बडा ताकतवर व्यक्ति हो, किसी पद पर हो, नेता हो, अधिकारी हो किसी दल का भी हो कही का भी हो अगर बच्चों की जिन्दगी के साथ खिलवाड़ करेगा उसको हम कभी नहीं छोड़ेंगे। यह बात हम हमेशा बोलते हैं पार्टी भी बोलती है और मुझे उम्मीद है की बहुत जल्द इस दिशा में काम होगा।

राहुल का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने की जरूरत

भारत जोड़ो यात्रा को लेकर कहा कि राहुल गांधी कन्याकुमारी से यात्रा निकाल रहे हैं। राहुल गांधी ने भारत जोड़ने का संकल्प लिया है। यह भारत जोड़ो यात्रा 75 साल के इतिहास में शायद पहली बार किसी नेता ने इतनी लम्बी यात्रा निकाली है। बिना रुके, बिना थके। मुझे भी सौभाग्य मिला 6 से 7 राज्यों में उनके साथ पैदल चलने का। राजस्थान में 18 दिन वो पैदल चले। इस दौरान उनका एक ही संदेश था नफरत मिटे। किसान को उन्नत बनाया जाए। यात्रा के बाद आज हमारा दायित्व बनता है। उस सन्देश को गांव- गांव ढाणी तक लेकर जाएं।

26 जनवरी से हाथ से हाथ जोड़ो अभियान

कांग्रेस पार्टी की ओर से लोगों को जोड़ने के लिए एक ओर अभियान चलाया जा रहा है। 26 जनवरी से हाथ से हाथ जोड़ो अभियान शुरू होगा। कांग्रेस का चुनाव चिन्ह हाथ है। लोगों के हाथ है उस हाथ को हाथ से हम जोड़ना चाहते है। 30 साल से राजस्थान में एक ट्रेंड चल रहा है हर पांच साल में सरकार बदल जाती है। इस ट्रेंड को हमें खत्म करना होगा। जब दूसरे राज्यों मे सरकार कांग्रेस पार्टी की दुबारा बन सकती है तो राजस्थान में सरकार क्यों नहीं रिपीट हो सकती इसके बारे में हमें सोचना पड़ेगा।

किसान नहीं चाहते कि उसका बच्चा किसान बने

पायलट ने इस दौरान किसानों की दुर्दशा को लेकर कहा कि आजादी के इतने सालों बाद भी किसानों की दशा में सुधार नहीं हुआ है। आज कोई भी किसान यह नहीं चाहता कि उसका बच्चा बड़ा होकर किसान बने। वह चाहे छोटी मोटी नौकरी कर लेगा लेकिन किसान नहीं बनना चाहता। हमें इस खाई को मिटाने के लिए काम करना होगा।

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