कौन हैं मनीष मीणा? जिन्होंने 13 स्टार्टअप फेल होने के बाद 9 भैंसों की मौत से आइडिया लेकर बनाई 550 करोड़ की कंपनी!

चौक टीम, जयपुर। समस्या ही समाधान की जननी है, ये बात सत्य साबित की है जयपुर के रहने वाले मनीष कुमार मीना ने जिनकी कंपनी की वैल्यू आज 550 करोड़ रुपए है। मनीष कुमार मीना एक पशुपालक है जिनके एक आइडिया ने पशुपालकों की बड़ी समस्या को हल कर दिया है और अब मनीष के इस आइडिया से लोग लगातार जुड़ रहे हैं।

9 भैंसों की मौत के बाद आया आइडिया

दरअसल, मनीष कुमार मीना ने सफलता की आस रखते है अपने जीवन में 13 स्टार्ट-अप लॉन्च किए, लेकिन सारे फेल हो गए। फिर एक डेयरी खोली तो समय पर पशु चिकित्सक नहीं मिलने से उसकी 9 भैंसों की मौत हो गई। इन 9 भैंसों की मौत से युवक काे 14वें स्टार्ट-अप का आइडिया मिला। वही आइडिया आज 550 करोड़ की कंपनी बन चुका है।

ये कहानी जयपुर के राजावास के मनीष कुमार मीणा की है जिन्होंने कुछ लोगों के साथ मिलकर एनिमल आईसीयू कंपनी शुरू की जिसकी आज मार्केट वैल्यू 550 करोड़ रुपए है। ये कंपनी पशुपालकों को ऑनलाइन इलाज उपलब्ध कराती है। साथ ही इन्होंने आधार कार्ड की तरह ही पशुओं की पहचान के लिए भी एक खास कार्ड तैयार किया है।

मां बाप से पैसे लेकर शुरू की कंपनी

जानकारी है की मनीषने मार्च 2019 में एक डेयरी फार्म खोला था लेकिन कोरोना काल में अज्ञात बीमारी की चपेट में आने से एक के बाद उनकी नौ भैंसे बीमार हो गईं और पशु चिकित्सक समय पर नहीं मिलने से सभी भैंसों की मौत हो गई। पोस्टमाॅर्टम में मौत का कारण अज्ञात लिखने से क्लेम भी नहीं मिला। इससे आहत मनीष ने पालतू पशुओं को समय पर उपचार दिलाने का बीड़ा उठाया और मां-बाप से पैसे लेकर, अपनी बचत और दो दोस्तों के साथ नई कंपनी एनिमल आईसीयू शुरू की।

माया जेफ के सहयोग से रखी कंपनी की नींव

वहीं, 2020 में मनीष की मुलाकात माया जेफ से हुई जो इंडीक्राफ्ट प्लेटफाॅर्म के माध्यम से गरीब महिलाओं के सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाकर डिजिटल मार्केट मुहैया करवा रही थीं। मनीष ने माया और डॉ. नवनीत के साथ मिलकर इस कंपनी की नींव रखी। डॉ. नवनीत टेली मेडिसिन और मनीष के एक दोस्त विमल ने तकनीकी मदद देकर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया और इतनी बड़ी कंपनी खड़ी की।

आसपास के पशु चिकित्सक दे रहे सेवाएं

मनीष के इस काम में आसपास के पशु चिकित्सक भी अपनी सेवाएं दे रहे है। वहीं,करीब 1700 ऐसे पशु चिकित्सक जिनके पास रोजगार नहीं है, उन्हें मनीष ने रोजगार उपलब्ध कराया है। मनीष का दावा है कि एनिमल आईसीयू लंपी बीमारी की रोकथाम में भी काफी मददगार साबित हुआ। ये एनिमल जियो फेसिंग, क्वारेंटाइन, सर्टिफिकेशन और डिजिटल हर्ड मैनेजमेंट की सुविधा देता है। मनीष ने बताया कि डिजीज फॉरकास्टिंग सॉफ्टवेयर की वजह से ही पहले से ही इस बीमारी के और बढ़ने का अनुमान लग गया था। उन्होंने काफी तैयारी की थी, जिसके सकारात्मक परिणाम निकले हैं।

ऐसे ले सकते है कंपनी की पहल का फायदा

मनीष ने लोगों की मदद के लिए एनिमल आईसीयू नामक एप्लीकेशन तैयार किया है और www.ani-mal.icu के नाम से एक वेबसाइट भी लाॅन्च की है। अपने साथ जुड़े हर एक वेटरनरी डॉक्टर को एक क्षेत्र दिया, जो जरूरत पड़ने पर पशुपालकों की सहायता कर सके। पशुपालक और किसान टोल फ्री नंबर 18008910515 पर भी डॉक्टर से संपर्क कर घर बैठे नि:शुल्क उपचार की सुविधा ले सकते हैं। डॉक्टर के घर आने पर किसान को उसे फीस देनी होती है।

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