Honor killing: गलती न होने पर भी मौत के घाट उतर दी जाती है औरते !

आज के समय में जहाँ सारी दुनिया Equality के पीछे भाग रही है लेकिन कुछ जगहों पर आज भी अपना मत रखने के लिए औरतों को अपनी जान तक गवा देनी पड़ती है। आज भी औरतों के शुद्ध होने पर इतना ध्यान दिया जाता है की वह अपनी मर्ज़ी से शादी तो क्या किसी अनजान आदमी से बात भी नहीं कर सकती। बहुत सी जगह आज भी ऐसी है जहाँ औरत को मारना एक “सम्मान” की बात होती है। ( Honor killing )

मर्द को गुस्सा आ जाए तो उसे उसी के घरवाले मार देते है

हम बात कर रहे है Honor killing की। जहाँ पर एक औरत को बात न माने पर या अगर उसकी किसी बात पर मर्द को गुस्सा आ जाए तो उसे उसी के घरवाले मार देते है और इसे Honor killing का नाम देते है। यह औरत को मारने वाला और कोई नहीं बल्कि उसका पिता या ख़ास भाई ही होता है। ऐसा होता है जॉर्डन नाम की जगह पर। यहाँ पर अगर औरत ने शादी से पहले किसी पराये मर्द के साथ सेक्सुअल रिलेशन बनाए तो उसे मार दिया जाता है वह भी सबके सामने।

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Honor killing के नाम पर हर साल 50000 महिलाओं का मर्डर कर दिया जाता है

यहाँ तक की अगर औरत का रेप या सेक्सुअल असाल्ट भी होता है तब भी क्रिमिनल को सजा नहीं मिलती , औरत को ही जान से मार दिया जाता है क्युकी उनके हिसाब से वह औरत अब प्योर नहीं रही। द यूनाइटेड नेशन पापुलेशन फण्ड के मुताबिक Honor killing के नाम पर हर साल 50000 महिलाओं का मर्डर कर दिया जाता है। अगर किसी आदमी को औरत को जान से मार देना पर पुलिस पकड़ भी लेती है तोह उसे औरत की ही गलती ठहरा कर आदमी को छोड़ दिया जाता है। उनका मान ना यह है की औरत ने ही कुछ करा होगा इसीलिए आदमी ने गुस्से में आके उसका खून कर दिया। आदमी को गुस्सा आने पर वह बीच सड़क तक पे औरत का खून कर सकता है और उसके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाता।

गवर्नमेंट कोई न कोई बहाना ढूंढ ही लेती है मुजरिम को बचाने का

Honor killing को लेकर काफी लोगो ने आवाज़ उठाना शुरू किया है पर जॉर्डन जैसे देशो में आज तक भी इसको लेके कोई एक्शन नहीं लिया गया है। गवर्नमेंट कोई न कोई बहाना ढूंढ ही लेती है मुजरिम को बचाने का। ऐसे में अकेली औरतें ही कितनी आवाज़ उठाएंगी और आखिर कब तक सिर्फ अपना ओपिनियन रखने के लिए उन्हें मार दिया जाएगा ? यह सवाल तो तब तक उठते रहेंगे जब तक इसको इललीगल नहीं मान लिया जाता। सिर्फ एक या दो इंसान के आवाज़ उठाने से यह सब रूढ़िवादी चीज़े बंद नहीं होगी। इनपे रोक लगाने के लिए सबको एक साथ मिलकर आवाज़ उठानी पड़ेगी।

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