विभाग की लेटलतीफी बेरोजगारों पर भारी, 2 साल से कर रहे रिफंड का इंतजार

राजस्थान में जब बेरोजगारों का नाम आता है. तो मन में अपने आप ही एक ऐसा जाल नजर आता है जिसमे ये प्रदेश का हर बेरोजगार जकड़ा हुआ दिखाई देता है. किसी को अपनी भर्ती पूरी होने का इंतजार है. तो कोई अपनी भर्ती को कोर्ट के पचड़े से बाहर निकलने का इंतजार कर रहा है. तो कोई नई भर्ती विज्ञप्ति जारी करने का इंतजार कर रहा है. ऐसी बहुत सारी समस्याएं हैं जिसमें प्रदेश के लाखों बेरोजगार जकड़े हुए हैं. लेकिन इन सब के बीच कहीं न कहीं विभागों की लापरवाही भी इन बेरोजगारों पर भारी पड़ती हुई नजर आ रही है. हम बात कर रहे हैं प्रदेश के उन 22 हजार बेरोजगारों की. जिन्होंने भर्ती के लिए 4 साल पहले आवेदन तो किया. 2 साल पहले भर्ती प्रक्रिया रद्द भी हो गई. लेकिन आज तक आवेदन किया हुआ भुगतान उनको रिफंड नहीं हो पाया है.

आखिर क्या है 22 हजार बेरोजगारों की पीड़ा

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से 13 अगस्त 2018 को 1 हजार 736 पदों पर फार्मासिस्ट भर्ती की विज्ञप्ति जारी की गई थी. आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से 5 बार भर्ती परीक्षा की तिथि भी जारी की गई. लेकिन 2 साल निकलने के बाद भी परीक्षा का आयोजन नहीं हो पाया. आखिरकार राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने सरकार के निर्देश के बाद 13 नवंबर 2020 को इस भर्ती को रद्द करने का फैसला लिया. फार्मासिस्ट भर्ती के लिए प्रदेश के करीब 22 हजार बेरोजगारों ने आवेदन किया था. आवेदन शुल्क के रूप में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को करीब 66 लाख रुपए से अधिक की राशि प्राप्त हुई थी.

4 वर्गों में अलग अलग था आवेदन शुल्क

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से इस भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन शुल्क 4 वर्गों में लिया गया था. सामान्य , क्रीमीलेयर ओबीसी, एमबीसी के लिए जहां आवेदन शुल्क 450 रुपये था. तो वहीं ईडब्ल्यूएस नॉन क्रीमीलेयर ओबीसी व एमबीसी के लिए आवेदन शुल्क 350 रुपये रखा गया था. इसके साथ ही विशेष योग्यजन, एससी, एसटी के लिए आवेदन शुल्क 250 रुपये रखा गया था. साथ ही ढाई लाख तक सालाना आय वाले सभी वर्गों के लिए भी आवेदन शुल्क 250 रुपये रखा गया था.

दोबारा निकाली भर्ती में फिर से आवेदन शुल्क जमा करवाना बना मजबूरी

2 साल बाद भी आवेदन शुल्क रिफंड नहीं होने की पीड़ा अभी अभ्यर्थियों में थी. तो वहीं अब दूसरी ओर नई फार्मासिस्ट भर्ती निकाल दी गई है. साथ ही परीक्षा की नोडल एजेंसी भी बदल दी गई है. लेकिन पुराने आवेदन करे हुए अभ्यर्थियों की फीस का समायोजन नहीं किया गया है. जिसके चलते अभ्यर्थियों को दोबारा आवेदन शुल्क देकर आवेदन करने होंगे. आवेदन करने की अंतिम तिथि 7 जनवरी है ऐसे में अभ्यर्थियों ने सरकार से गुहार लगाई है कि 2 साल से आवेदन का अटका हुआ रिफंड उनको जल्द से जल्द दिया जाए. जिससे उनको आर्थिक समस्या का सामना ना करना पड़े.

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