डीजल चोरी गिरोह का सरगना 5 दिन की पीसी रिमांड पर, पूछताछ में कई बड़े खुलासे

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जयपुर: हरमाड़ा में डीजल चोरी के मामले में पुलिस ने मुख्य सरगना स्वर्ण सिहं को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है. आरोपी से की गयी शुरुआती पूछताछ में कई अहम जानकारियां निकल कर सामने आयी है. 

हरमाड़ा के राजावास गांव में हिन्दुस्तान पेट्रोलियम की पाइप लाइन में वॉल्व लगाकर डीजल चुराने के मामले में सरदार स्वर्ण सिंह को पुलिस ने कल दिल्ली से गिरफ्तार किया था. मामले का खुलासा 18 जून को हुआ था जब चौमू थाने के कांस्टेबल की सूचना पर चोरी का डीजल सप्लाई करने वाली एक पिकअप व दो बाइक को पकड़ा गया था. जिनमें सवार शिम्भू, मुकेश, दिनेश, धर्मेन्द्र, ओमप्रकाश की गिरफ्तारी के बाद इस गिरोह का खुलासा हुआ था। पुलिस ने बाद में मामले में लखनऊ निवासी अंकित दूबे, बलजीत सिंह और अरविन्द शर्मा, अरविन्द चौधरी राहुल देव शर्मा व जितेन्द्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। खुलासा होने के बाद सरगना सरदार स्वर्णसिंह व शमशेर सिंह फरार हो गए। तीन महिने बाद पुलिस ने सरगना स्वर्ण सिंह को गिरफ्तार किया है.  

अभी तक की जांच में इस गिरोह की ओर से की गयी 9 डीजल चोरी की वारदातों का खुलासा हुआ है. गिरफ्तार आरोपी स्वर्ण सिंह ने पूछताछ में बताया कि वे सूनसान जगह पर ऐसे स्थान का चयन करते है जहां से डीजल की लाइन जा रही हो. डीजल लाइन के आसपास में ऐसा घर लेते है जहां पर डीजल चोरी के लिए वाहन खड़े किये जा सके. डीजल की दुर्गंध आसपास में रहने वालों को पता ना चले इसके लिए ये बदमाश दिखावे के तोर पर साबून या फिनाईल का काम किया करते थे. डीसीपी वेस्ट विकास कुमार शर्मा ने बताया कि सुरंग को खूदवाने के लिए इस गिरोह ने लुधियाना से मजदूर बुलाये थे. गिरोह के सरगना सरदार स्वर्ण सिंह से पूछताछ में सामने आया है कि फरार अभियुक्त शमशेर एचपी में पहले लाइन टेक्नीशियन के पद पर काम कर चुका है. जिसे कुछ साल पहले हटा दिया गया था. आरोपी शमशेर ने चालू लाइन में छेद करके वॉल्व लगाया था. 

पुलिस के मुताबिक अभी तक चोरी का तेल खरीदने वाले करीब 10 पेट्रोल पंपों को चिन्हित कर लिया गया है।  जल्द ही इन पंपों के संचालकों को गिरफ्तार किया जायेगा। इसके अलावा इस गिरोह से जुड़ी तेल सप्लाई करने वाली गैंग के कुछ बदमाश भूमिगत हो गए। जिनकी तलाश की जा रही है।