AI Deepfake Video Call कर सकता है आपका बैंक अकाउंट खाली, जाने कैसे

दुनिया टेक्नोलॉजी में हर हदे पार करती हुई आगे बढ़ रही है. हर चीज़ को इजी एंड निर्मल बना रही है. वही कहते है ना हर चीज़ के साइड इफ़ेक्ट भी होते है। दुनिया में जब से AI विकसित और सुलभ हुआ है। बहुतों का काम आसान हो गया है। तो वहीं कई लोग इस टेक्नोलॉजी का ग़लत इस्तेमाल भी करने लगे हैं।

क्या होता है डीपफेक वीडियो कॉल?

इसके चलते दिन-प्रतिदिन कई तरह के स्कैम भी सामने आ रहे हैं। जिसको लेकर विभिन्न रिपोर्ट्स ने भी चेताया है। इन्हीं में से एक स्कैम है मैसेंजर डीपफेक वीडियो कॉल जो विश्वभर में एक बड़ी समस्या बनती जा रही है।आइये सबसे ओहले तो यही जान लेते है की क्या होता है। डीपफेक वीडियो कॉल? डीपफेक एक AI-powered face-swapping technology है। किसी व्यक्ति की जानकारी को ग़लत तरीक़े से एकत्रित करके, इस प्रकार के स्कैम को वीडियो कॉल के माध्यम से अंजाम दिया जाता है।

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कैसे शुरू होता है स्कैम

स्कैमर एक वीडियो कॉल के ज़रिए ख़ुद को एआई की मदद से किसी व्यक्ति के परिचित के रूप में पेश करता है और उसे ठगने की कोशिश करता है। अब जानते है की कैसे शुरू होता है स्कैम…तो AI messenger deepfake video call के लिए, criminal intelligence का विशेषज्ञ डेवलपर एक एआई मॉडल तैयार करता है। जिसे आमतौर पर Generative Adversarial Networks कहा जाता है। यह दो अलग-अलग न्यूरल नेटवर्क के साथ मिलकर काम करता है।

बहुत से फोटो और वीडियो को एकत्रित किया जाता है

इनमें से पहला नेटवर्क जेनरेटर कहलाता है, जो नक़ली वीडियो बनाता है, और दूसरा network discriminator कहलाता है, जो नक़ली वीडियो को पहचानने का काम करता है। इस तरह के वीडियो बनाने के लिए, जिस व्यक्ति के नाम पर धोखाधड़ी करनी होती है, पहले तो उसके बहुत से फोटो और वीडियो को एकत्रित किया जाता है। फिर इन्हीं वीडियो और फोटो के ज़रिए उस व्यक्ति को लाइव दिखाकर इसे और ज़्यादा सच्चा दिखाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ताकि लोग उस पर विश्वास कर सकें।

AI मॉडल की मदद से चालाकी यानी मैनिपुलेट करता है

एक बार जब सारा डेटा इकट्ठा हो जाता है तो फिर शुरू होता है AI मॉडल की मदद से चालाकी यानी मैनिपुलेट करना। और इसकी मदद से एक ऐसा वीडियो तैयार किया जाता है जो नक़ली होने के बावजूद वास्तविकता के क़रीब-सा प्रतीत होता है। जब वीडियो बनकर तैयार हो जाता है तो इसका इस्तेमाल करके उस व्यक्ति के परिचितों को कॉल किया जाता है और उनसे पैसों की मांग की जाती है। ये वीडियो इतने वास्तविक दिखते हैं कि लोग इन्हें देखकर भ्रम में आ जाते हैं और इन पर विश्वास कर बैठते हैं।

इस वीडियो कॉल में AI का इस्तेमाल किया जाता है

आपराधिक गतिविधियों के साथ कोई व्यक्ति आपके साथ धोखाधड़ी न कर सके, इसके लिए ज़रूरी है कि आप इस तरह के वीडियो कॉल को लेकर जागरूक रहें। और किसी भी अचानक आए वीडियो कॉल पर थोड़ा-सा भी शक होने पर ये उपाय आज़माएं। इस वीडियो कॉल में AI का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में सबसे पहले सचेत हो सकते हैं उस वीडियो में दिखने वाले व्यक्ति के हाव-भाव देखकर।

वीडियो की गुणवत्ता ख़राब हो सकती है

साथ ही उसके रवैये से जो असमान्य नज़र आ सकता है। उसकी जो आवाज़ है वो बोलने के तरीक़े से बिल्कुल भिन्न होगी। इसके अलावा, इसके वीडियो की गुणवत्ता ख़राब हो सकती है। अगर आपको किसी अनजान नंबर से वीडियो कॉल आ रहा है तो उसे बिल्कुल नहीं उठाएं। अगर किसी परिचित व्यक्ति के नंबर से एकदम से वीडियो कॉल आ रहा है तो उसे काट दें। फिर उस व्यक्ति को वॉइस कॉल करके बात करें। कुछ मामलों में वीडियो कॉल ऐसे व्यक्ति की तरफ़ आया है जिससे बहुत कम बात होती है।

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क्राइम रेट का लेवल भी दिन प्रति दिन बढ़ रहा है

अगर वीडियो कॉल पर कोई परिचित आपसे पैसों की मांग करता है तो उस पर विश्वास न करके सीधा वॉइस कॉल पर बात करें। …. तो हमेसा ऐसे scammers से सावधान रहे और सुरक्षित रहे। क्युकी अभी हम जैसे जैसे आगे बढ़ रहे है क्राइम रेट का लेवल भी दिन प्रति दिन बढ़ रहा है।

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