ABVP ने यूनिवर्सिटी गेट पर किया जोरदार प्रदर्शन, सरकार पर लगाया तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप

जयपुर बम ब्लास्ट के आरोपियों को बरी करने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. पिछले दिनों हाईकोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए चार आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया. जिसके बाद अब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मामले में ढंग से पैरवी नहीं करने के साथ ही सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से राजस्थान यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया गया.

छात्रों ने मुख्य सड़क पर आने का किया प्रयास

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से राजस्थान यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया गया. यूनिवर्सिटी गेट के अंदर प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारेबाजी करते हुए यूनिवर्सिटी गेट से बाहर करने की कोशिश की. लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन द्वारा छात्रों को गेट के अंदर ही रोक दिया गया. जिसके बाद छात्रों ने गेट पर चढ़कर जोरदार प्रदर्शन किया. इसके साथ ही यूनिवर्सिटी गेट पर धरना शुरू किया.

सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति के लगाए आरोप

अभाविप राजस्थान विश्वविद्यालय इकाई द्वारा कांग्रेस सरकार की तुष्टीकरण की राजनीति के वजह से जयपुर बम ब्लास्ट में आतंकियों के बरी होने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एबीवीपी प्रांत मंत्री शौर्य जैमन ने आरोप लगाते हुए कहा कि जयपुर बम ब्लास्ट मामले में आरोपियों के कोर्ट से बरी करवाने में राजस्थान सरकार पैरवी नहीं करना बहुत निंदनीय है. आतंकवादियों को इस तरीके से बरी करना कहीं ना कहीं राजस्थान सरकार की अदालत में पैरवी पर सवालिया निशान खड़ा करता है. एबीवीपी पूछना चाहती है कि आखिर इन 74 मौतों का जिम्मेदार कौन है उन मासूमों की मौत का जिम्मेदार कौन है.

रीट मामले में भी सरकार दिखा चुकी लापरवाही- शौर्य जैमन

शौर्य जैमन ने आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि आरोपियों को इस तरीके से बरी किया गया है. जिस प्रकार से रीट के पेपर लीक के आरोपियों को भी बिना किसी सजा के बरी कर दिया गया. जबकि कुछ दिन पहले राजस्थान यूनिवर्सिटी के छात्रों ने जो सीएम के काफिले को काले झंडे दिखाए. शांति से विरोध प्रदर्शन किया. निर्दोष छात्रों पर राजस्थान की पुलिस ने संगीन आरोपों में धाराएं लगाई है. आखिर राजस्थान सरकार द्वारा अपने विरोध में उठाई आवाज को इस तरीके से दबाना कहां तक सही है.

पिछले दिनों आरोपियों को किया गया है बरी

गौरतलब है की जयपुर ब्लास्ट के आरोपियों को दिसंबर 2019 में निचली अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी. लेकिन पिछले दिनों ही हाईकोर्ट में मामले पर सुनवाई करते हुए 4 आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया गया है.

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